HINDI SHAYARI - 1 / हिंदी शायरी - 1

 HINDI SHAYARI - 1 / हिंदी शायरी - 1 


जाम पर जाम पीने से क्या फायदा.. 

शाम को पियो सुबह उतर जायेगी.. 

जरा एक दो बुँद मोहब्बत की पी ले साखी.. 

सारी जिदँगी नशे मे गुजर जायेगी..


आँखों के सागर में ये जलन हैं कैसी |

आज दिल को तड़पने की लगन हैं कैसी ||

बर्फ की तरह पिघल जायेगी जिंदगी |

ये तेरी दूर रहने की कसम हैं कैसी ||


कल का दिन किसने देखा है, 

आज का दिन खोए क्यों, 

जिन घड़ियों में हंस सकते हैं, 

उन घड़ियों में रोएँ क्यो ?


उनकी जब मर्जी होती है वो हमसे बात करते है, 

हमारा पागलपन तो देखिये, 

हम पूरा दिन उनक मर्जी का इंतज़ार करते हैं.

नजरों को तेरे प्यार से इंकार नहीं है, 

अब मुझे किसी और का इंतज़ार नहीं है,  

खामोश अगर हूँ मैं तो ये वजूद  है मेरा, 

तुम ये न समझना कि तुमसे प्यार नहीं है.
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