नीम - हमारे गाँव का दवाखाना
नीम के बारे में तो लगभग हम सभी ने सुना होगा । नीम के पेड़ को हम सभी बचपन से देखते आ रहे हैं । नीम का पेड़ अक्सर कहीं न कहीं देखने को मिल ही जाता है ; कभी घर के बगल में तो कभी स्कूल के मैदान में ; कभी सड़क के किनारे तो कभी सुंदर बागीचे में ; कभी घने जंगल में तो कभी पहाड़ों पे ; लगभग हर जगह ही ये मौजूद होता है ।
हम में से बहुत से लोग उसे पहचान भी सकते हैं , कितनों को उसके फायदे भी पता होंगे, तो कितनों ने उससे प्राप्त होने वाले पत्तों , टहनियों , फलों इत्यादि से अपने लिए कुछ औषधि भी बनाई होगी ।
नीम के वृक्ष के सभी भाग अति उपयोगी हैं । इस पेड़ के अलग - अलग भागों के अलग-अलग गुण हैं । यह कहना गलत नहीं होगा की नीम का पेड़ एक " WONDER TREE " है ।
नीम के बहुत सारे औषधिये गुण हैं । बहुत से बीमारियों और विकारों के लिए ये ये प्रक्रतिक औषधि है । हमारे दादी-नानी के युग में नीम का पेड़ हर घर के आँगन में लगाया जाता था और उसकी पूजा होती थी । नीम के इन बेमिसाल गुणों के कारण वह पूजा के लायक भी था ।
हमारे गाँव में मेरा घर नदी के किनारे बना हुआ है । हमारे घर के सामने एक विशालकाय नीम का पेड़ था । बचपन में मैंने नीम के फल बहुत खाये हैं । वो नीम का पेड़ सदियों से वहाँ था ।
मेरी दादी उसके किस्से बहुत ही खूबसूरत अंदाज़ में सुनती थीं ।
वो अपने चमचमाते हुए दाँत दिखते हुए कहती थीं ; जानते हो 80 साल के उम्र में भी मेरे इन चमकते हुए दांतों का राज़ क्या है ; वो नीम है ।
मेरे चेहरे को देखो ; जानते हो इस बच्चे जैसे दमकते हुए चेहरे का राज़ ; वो नीम है ।
ऐसे ही वो अनेकों उधारण दे कर नीम के फायदे गिनवाती थीं ।
उसके बाद उनके द्वारा नीम के औषधिये गुणों का बखान सुरू होता था ।
वो कहती थीं , पुराने समय से ही सुबह - सुबह नीम के डंठल का इस्तेमाल दांत साफ करने के लिए दातुन के लिए होता आ रहा है ; तुम जानते हो इसमें से जो रस निकलता है वो कीटाणुनाशक होता है ; वो दाँतो पे लगे किटाणुओं को मारता है और मुख को ताजगी प्रदान करता है ।
हम लोग नीम के पत्तों को पीस कर उसका लेप तैयार कर उसको चेहरे पर लगते थे और अब भी लगा रहे हैं ; तुम जानते हो की इससे चेहरा दमकता हुआ रहता है और चेहरे पर कील - मुहासे भी नहीं होते ।
नीम का रस रक्त शोधक है , हम लोग उसके पत्ते का जूस बना कर पीते थे ; तुम जानते हो ये खून साफ करता है और बहुत सी बीमारियों को दूर करता है। इससे पेट भी साफ रहता है ।
इसका फल पकने के बाद मीठा हो जाता है और इसके भी औषधिय गुण हैं ।
अनेकों प्रकार की दवाइयाँ इसके विभिन्न भागों से बनायीं जाती थीं , इसके पत्तों से , इसके फल से , इसके छाल से , और भी अलग - अलग भागों से ।
नीम से बनाई हुई दवाई का इस्तेमाल बहुत सी बीमारियों के इलाज के लिए होता था जैसे की शुगर की बीमारी , ब्लड प्रैशर , कील - मुहासे , मलेरिया , छाले , दानें , घाव इत्यादि इत्यादि ...
उसके बाद वो अपने समय के बातों को आज के आधुनिक समय से जोड़ते हुए कहना सुरू करती थीं ......
जानते हो अब भी नीम से हजारों उत्पाद जैसे की साबुन , शैम्पू , जूस, मंजन , इत्यादि तैयार किए जाते हैं और बाज़ार में उपलब्ध हैं ।
बहुतायत प्रकार के सौन्दर्य प्रसाधन तथा औषधीय उत्पाद जो आज के समय में इस्तेमाल हो रहे हैं वो नीम से ही निर्मित हैं ।
अपने दिमाग को खोलो और ध्यान करो ......
तुम भी तो अपना चेहरा बाज़ार से खरीद कर लाये हुए नीम फ़ेस वॉश से धोते हो , तुम्हारी बहन मुहासों के लिए नीम फ़ेस पैक अपने चेहरे पर सप्ताह में दो बार लगाती है ।
तुम्हारी माँ , तुम्हारे छोटे भाई के लिए बाज़ार से नीम का जूस खरीद कर लाती है ; जो उसके खून को साफ करता है और बीमारियों से लड़ने की क्षमता को बढ़ता है ।
तुम्हारे पिता जो रोज़ सुबह - सुबह नीम-करेले का जूस पीते हैं वो भी तो नीम से ही बना हुआ है और शुगर की बीमारी में लाभदायक है ।
तुम्हारी छोटी बहन जो सर के जूएँ मारने के लिए नीम शैम्पू इस्तेमाल करती है वो भी तो नीम से ही बना हुआ है ।
नीम कीट पतिंगो को मारने के लिए भी इस्तेमाल होता है , घर में नीम का तेल मच्छर - मक्खी मारने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है , नीम कोइल , नीम मोस्क़्युटों लिकविड वापोरिजर , इत्यादि इसके उदाहरण हैं जो आजकल हर घर में इस्तेमाल किया जा रहा है ।
नीम हैंड सेनीटायजर जो तुम्हारे द्वारा , खिलड़ियों द्वारा , और विभिन्न लोगों द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा है वो भी तो नीम से ही निर्मित है ।
तुम्हें इसके बारे में कुछ जानकारी है ?
ये सारे चीज़ें जो तुम लोग इस्तेमाल कर रहे हो वो कहाँ से उत्पन्न हुईं ?
ये सब चीज़ें किस से निर्मित हुईं ?
ये सब नीम की ही तो देन हैं ।
प्राचीन समय से ले कर अब तक नीम एक दवाखान के तरह इस्तेमाल हो रहा है ; जहां इससे विभिन्न प्रकार के स्वास्थ्य संबंधी उत्पाद बनाए जाते हैं और इस्तेमाल किए जाते हैं अलग अलग प्रकार के बीमारियों के इलाज के लिए ।
इसके बाद वो शहर वाले अपने घर के गार्डेन में एक नीम का पेड़ लगाने का सलाह देते हुए अपने बात को खत्म करती हैं । उन्होने मुझे खुद की लिखी हुई नीम के घरेलू नुख्सों की किताब भी दी ; जिसमे की नीम से बने हुए उत्पादों के सैकड़ों फॉरमूले थे ।
नीम के सिर्फ औषधीय उपयोग ही नहीं है बल्कि इसके खेती में भी उपयोगी है ; ये किटाणु नाशक खाद के रूप में भी उपयोग होता है । ये छाँव तो देता ही है हवा को भी सुद्ध करता है वातावरण में ऑक्सिजन छोड़ कर ।
सच में , नीम का पेड़ एक अजूबा है ......
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